एक ऐसा युवा जिसने युवाओं को शक्ति के रूप में परिलक्षित किया।
एक ऐसा युवा जिसने भारतीय दर्शन, धर्म एवं संस्कृति को सम्पूर्ण विश्व के समक्ष प्रतिबिंबित किया।
एक ऐसा युवा जिसने सम्पूर्ण विश्व को "वसुधैव कुटुंबकम" के भारतीय दृष्टिकोण से अवगत कराया।
एक ऐसा युवा जिसने अपने ज्ञान की गंगा से सारी दुनिया का शुद्धिकरण किया।
एक ऐसा युवा जो न केवल भारत अपितु सम्पूर्ण विश्व के युवाओं का आदर्श बना।
एक ऐसा युवा जिस पर स्वयं भारत माता को भी गर्व हुआ होगा।
एक ऐसा युवा जो मात्र 39 वर्ष के अपने अल्प जीवन काल में ज्ञान एवं अध्यात्म का ध्रुव तारा बन समस्त जगत पर छा गया और युवाओं के लिए सन्मार्ग का एक आदर्श पथ प्रदर्शक बना ।
आज के दिन उन्ही चिर युवा अनुकर्णीय व्यक्तित्व जिन्हें सारी दुनिया स्वामी विवेकानंद जी के नाम से जानती है, के जन्मोत्सव को सारा भारत " राष्ट्रीय युवा दिवस " के रूप में मनाता है।
12 जनवरी,1863 को नरेंद्र नाथ दत्त के रूप में एक प्रकाश पुंज बंगाल के कायस्थ परिवार में भारतीय धरा पर अवतरित हुए।
जिन्हे गुरु रामकृष्ण परमहंस जी का मार्ग दर्शन प्राप्त हुआ।सन 1893 में अमेरिका के शिकागो में आयोजित विश्व धर्म महासभा में सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व करते हुए भारत के आध्यात्मिक वेदांत दर्शन को अमेरिका यूरोप सहित पूरे विश्व में पहुंचाया।
4 जुलाई 1902 को मात्र 39 वर्ष की अल्प आयु में माँ भारती का ये लाल सम्पूर्ण विश्व को ज्ञान का प्रकाश से आलोकित कर भारत माता की गोद में चिर निद्रा में लीन हो गया .
-----जोगिंदर सिंह
(अध्यक्ष)
रामकृष्ण सेवा समिति, मुरादाबाद।